कार्बेट टाइगर रिजर्व: निलंबित रेंजर अब भी जमे हैं कुर्सी पर, पीसीसीएफ ने लिया संज्ञान

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कार्बेट टाइगर रिजर्व: निलंबित रेंजर अब भी जमे हैं कुर्सी पर, पीसीसीएफ ने लिया संज्ञान

सार

इस मामले में नए वन प्रमुख पीसीसीएफ (हॉफ) ने संज्ञान लेते हुए कॉबेट के निदेशक को तत्काल उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश दिया है।

विस्तार

कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ प्रभाग के तहत पाखरो रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) बृज बिहारी शर्मा निलंबन के एक माह बाद भी अपने पद पर बने हुए हैं। उन्हें रेंज में पेड़ों के अवैध पातन के मामले में निलंबित कर दिया गया था।

इस मामले में नए वन प्रमुख पीसीसीएफ (हॉफ) ने संज्ञान लेते हुए कॉबेट के निदेशक को तत्काल उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही डीएफओ किशन चंद को भी उनके कर्तव्यों से मुक्त करने के लिए कहा है। किशन चंद को मुख्यालय अटैच किया गया है।

25 अक्तूबर को तत्कालीन प्रमुख मुख्य वन संरक्षक ने किया था आदेश

बता दें कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद 25 अक्तूबर को तत्कालीन प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) राजीव भरतरी ने पाखरो रेंजर के निलंबन का आदेश जारी किया था, लेकिन यह आदेश अभी भी फाइलों में ही दबा है और रेंजर अपने पद पर अब भी बने हुए हैं। नए वन प्रमुख विनोद कुमार सिंघल ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल को रेंजर बृज बिहारी शर्मा के निलंबन आदेश पर तुरंत कार्रवाई करने और डीएफओ किशन चंद को उनके कर्तव्यों से मुक्त करने के लिए कहा है।

जबकि इस मामले में डीएफओ किशन चंद को 25 नवंबर को पद से हटाते हुए वन मुख्यालय अटैच किया गया था। उन्हें भी अभी तक ड्यूटी से मुक्त नहीं किया गया है। पीसीसीएफ विनोद कुमार सिंघल ने बताया कि उन्होंने दोनों आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। इसके अलावा आठ दिसंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई भी होनी है।

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