कोचिंग संस्थानों पर छापा: उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की टीम को मिली खामियां, बिना मान्यता के हो रहे थे संचालित

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कोचिंग संस्थानों पर छापा: उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की टीम को मिली खामियां, बिना मान्यता के हो रहे थे संचालित


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प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कपरवाण की अगुवाई में टीम ने शनिवार को पांच डिफेंस एकेडमी संस्थानों पर छापा मारकर कई खामियां पकड़ीं। तमाम कोचिंग एकेडमी बिना मान्यता के संचालित मिले। कपरवाण ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। 

कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि ब्रिगेडियर डिफेंस एकेडमी, बंसल टावर करनपुर स्थित दुर्गा डिफेंस एकेडमी, करनपुर स्थित कैडेट डिफेंस एकेडमी, अमन विहार सहस्त्रधारा रोड स्थित कैडेट डिफेंस एकेडमी और करनपुर स्थित जीएस डिफेंस एकेडमी की जांच गई। कपरवाण के मुताबिक, सभी एकेडमी बिना मान्यता संचालित की जा रही थी। डिफेंस एकेडमी के नाम पर संचालक छात्रों से भारी फीस वसूल रहे हैं। बताया कि किसी भी एकेडमी में मानकों के अनुरूप प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं मिली।

बताया कि छात्रों के लिए मुहैया कराए गए छात्रावासों की भी स्थिति खराब मिली। छात्रों के लिए चिकित्सकीय सुविधा भी मुहैया नहीं थी। कहा कि सरकार के स्तर से डिफेंस एकेडमी के लिए कोई नियमावली नहीं बनाने से भी संचालक मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें…उत्तराखंड:  भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बना ड्राफ्ट, विधानसभा में आएगा विधेयक, बड़े फैसलों की तैयारी

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि डिफेंस एकेडमी को कानून के दायरे में लाया जा सके, इसके लिए नियमावली प्रस्तावित है। जिस पर सरकार, शासन स्तर से विचार किया जा रहा है। बताया कि सभी एकेडमी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने के साथ ही स्पष्टीकरण भी तलब किया जा रहा है।

विस्तार

उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कपरवाण की अगुवाई में टीम ने शनिवार को पांच डिफेंस एकेडमी संस्थानों पर छापा मारकर कई खामियां पकड़ीं। तमाम कोचिंग एकेडमी बिना मान्यता के संचालित मिले। कपरवाण ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। 

कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि ब्रिगेडियर डिफेंस एकेडमी, बंसल टावर करनपुर स्थित दुर्गा डिफेंस एकेडमी, करनपुर स्थित कैडेट डिफेंस एकेडमी, अमन विहार सहस्त्रधारा रोड स्थित कैडेट डिफेंस एकेडमी और करनपुर स्थित जीएस डिफेंस एकेडमी की जांच गई। कपरवाण के मुताबिक, सभी एकेडमी बिना मान्यता संचालित की जा रही थी। डिफेंस एकेडमी के नाम पर संचालक छात्रों से भारी फीस वसूल रहे हैं। बताया कि किसी भी एकेडमी में मानकों के अनुरूप प्रशिक्षकों की नियुक्ति नहीं मिली।

बताया कि छात्रों के लिए मुहैया कराए गए छात्रावासों की भी स्थिति खराब मिली। छात्रों के लिए चिकित्सकीय सुविधा भी मुहैया नहीं थी। कहा कि सरकार के स्तर से डिफेंस एकेडमी के लिए कोई नियमावली नहीं बनाने से भी संचालक मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।

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हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि डिफेंस एकेडमी को कानून के दायरे में लाया जा सके, इसके लिए नियमावली प्रस्तावित है। जिस पर सरकार, शासन स्तर से विचार किया जा रहा है। बताया कि सभी एकेडमी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने के साथ ही स्पष्टीकरण भी तलब किया जा रहा है।





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