महामंडलेश्वर दुष्कर्म मामला: बचाव में आई कारोबारी की बेटी, बोली- गुरु के खिलाफ पिता ने की साजिश, सच तो ये है

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महामंडलेश्वर दुष्कर्म मामला: बचाव में आई कारोबारी की बेटी, बोली- गुरु के खिलाफ पिता ने की साजिश, सच तो ये है


संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:51 PM IST

सार

अपने गुरु पर लग रहे आरोपों का खंडन करते हुए युवती ने पूरा मामला बताया है। युवती ने कहा कि दो साल पहले उसने संन्यास ले लिया था। स्वामी आशुतोष प्रखर को उसने अपना गुरु बनाया था। 

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महामंडलेश्वर आशुतोष प्रखर पर दुष्कर्म जैसे संगीन आरोप लगाने वाले कानपुर के कारोबारी की बेटी अपने गुरु के बचाव में आगे आ गई है। कारोबारी ने कानपुर में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि दीक्षा देने के बहाने उनकी बेटी को बंधक बनाकर रखा गया है। उसके साथ दुष्कर्म किया गया है।

 

वहीं दूसरी ओर युवती ने अपने पिता की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उसने इसे गुरु के खिलाफ साजिश बताया है। प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए युवती ने कहा कि दो साल पहले उसने संन्यास ले लिया था। स्वामी आशुतोष प्रखर को उसने अपना गुरु बनाया था। 

 

इस संबंध में शपथ पत्र भी दिया। दीक्षा के छह महीने तक अपने घर कानपुर रहीं। संन्यास लेने को लेकर माता-पिता से काफी विवाद भी हुआ। जब माता-पिता नहीं माने तो वह खुद उसे हरिद्वार आश्रम में स्वामी प्रखर के पास छोड़कर चले गए। कहा कि अब इस तरह के आरोप लगाकार गुरु के खिलाफ साजिश की जा रही है। 

युवती ने कहा कि उसके गुरु के खिलाफ की जा रही साजिश 

विस्तार

महामंडलेश्वर आशुतोष प्रखर पर दुष्कर्म जैसे संगीन आरोप लगाने वाले कानपुर के कारोबारी की बेटी अपने गुरु के बचाव में आगे आ गई है। कारोबारी ने कानपुर में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि दीक्षा देने के बहाने उनकी बेटी को बंधक बनाकर रखा गया है। उसके साथ दुष्कर्म किया गया है।

 

वहीं दूसरी ओर युवती ने अपने पिता की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उसने इसे गुरु के खिलाफ साजिश बताया है। प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए युवती ने कहा कि दो साल पहले उसने संन्यास ले लिया था। स्वामी आशुतोष प्रखर को उसने अपना गुरु बनाया था। 

 

इस संबंध में शपथ पत्र भी दिया। दीक्षा के छह महीने तक अपने घर कानपुर रहीं। संन्यास लेने को लेकर माता-पिता से काफी विवाद भी हुआ। जब माता-पिता नहीं माने तो वह खुद उसे हरिद्वार आश्रम में स्वामी प्रखर के पास छोड़कर चले गए। कहा कि अब इस तरह के आरोप लगाकार गुरु के खिलाफ साजिश की जा रही है। 

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