मौसम में उतार-चढ़ाव: वायरल बुखार का हमला, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

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मौसम में उतार-चढ़ाव: वायरल बुखार का हमला, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़


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मौसम के बदलते ही अब बीमारियों ने भी हमले शुरू कर दिए हैं। इस वक्त सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। राजधानी के दून अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.केसी पंत के मुताबिक, अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक हजार के करीब मरीज इलाज कराने आ रहे हैं, जो वायरल बुखार से पीड़ित है। वायरल बुखार से पीड़ित मरीज तेज बुखार के साथ ही गंभीर बदन दर्द और आंखों में जलन की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। डॉ. पंत के मुताबिक, फिलहाल मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा, ऐसे मौसम में वायरल बुखार से संक्रमित होने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। मौसम बदलने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है, जिससे वायरल बुखार का संक्रमण बढ़ जाता है। हालांकि, डॉ. पंत का यह भी कहना है कि कुछ एहतियात बरतकर वायरल बुखार से बचा जा सकता है।

उधर, दून अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शशांक सिंह के मुताबिक, ओपीडी में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आ रहे, जो हड्डियों में गंभीर दर्द की शिकायत दर्ज करा रहे है। डॉ. शशांक सिंह के मुताबिक, बारिश में भीगने या फिर बुखार होने पर हड्डियों में गंभीर दर्द होता है। हड्डियों में दर्द बुजुर्गों संग ही 50 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में देखने को ज्यादा मिल रहा है। ऐसे लोग जो पहले ही गठिया बीमारी से जूझ रहे हैं को थोड़ा और सावधान रहने की जरूरत है। बेहतर है कि ऐसे बारिश के समय घर में भी रहे। किसी भी सूरत में भीगे नहीं। बारिश में भीगने से हड्डियों के दर्द के बढ़ने की पूरी संभावना रहती है।

अस्पतालों से भी संक्रमित होने का खतरा

अगर आप वायरल बुखार से पीड़ित नहीं है और किसी अन्य बीमारी का इलाज कराने और अस्पतालों में जा रहे तो संभलकर जाएं। इन अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। इन मरीजों के संपर्क में आने पर आप भी सामान्य लोगों के भी वायरल बुखार से संक्रमित होने का खतरा रहता है। ऐसे में अस्पताल जब भी जाएं, तो बुखार से पीड़ित मरीज से थोड़ी दूरी बनाकर रखें।

ये होता है वायरल बुखार

वायरल बुखार से पीड़ित मरीज को तेज सिर दर्द के साथ ही गंभीर बदन दर्द होता है, मरीज की आंखें लाल हो जाती हैं, शरीर का तापमान बढ़ जाता है। मरीज को जबरदस्त ठंड के साथ कंपकंपी महसूस होने लगती है, पीड़ित मरीजों में उल्टी-दस्त की शिकायत होती है, सर्दी, जुकाम होने के साथ ही नाक बहने लगती है, वायरल बुखार से संक्रमित होने पर मरीज को पेशाब में जलन के साथ ही गले में गंभीर खराश होने लगती है, मरीज को भूख नहीं लगती है।

संक्रमित होने पर क्या करें, क्या न करें

वायरल बुखार होने पर घरेलू उपचार के बजाए डॉक्टर से तत्काल सलाह लेकर इलाज कराएं, दवाइयों के साथ ही खानपान में उबली हुई सब्जियां और अधिक से अधिक हरी सब्जी का सेवन करें, उबला हुआ पानी पीने के साथ ही खानपान का विशेष ध्यान रखें, वायरल बुखार से पीड़ित है तो परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखें, वायरल बुखार होने पर अधिक से अधिक घर समय घर में गुजारें।

विस्तार

मौसम के बदलते ही अब बीमारियों ने भी हमले शुरू कर दिए हैं। इस वक्त सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। राजधानी के दून अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.केसी पंत के मुताबिक, अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक हजार के करीब मरीज इलाज कराने आ रहे हैं, जो वायरल बुखार से पीड़ित है। वायरल बुखार से पीड़ित मरीज तेज बुखार के साथ ही गंभीर बदन दर्द और आंखों में जलन की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। डॉ. पंत के मुताबिक, फिलहाल मौसम का जो मिजाज देखने को मिल रहा, ऐसे मौसम में वायरल बुखार से संक्रमित होने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। मौसम बदलने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है, जिससे वायरल बुखार का संक्रमण बढ़ जाता है। हालांकि, डॉ. पंत का यह भी कहना है कि कुछ एहतियात बरतकर वायरल बुखार से बचा जा सकता है।

उधर, दून अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शशांक सिंह के मुताबिक, ओपीडी में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आ रहे, जो हड्डियों में गंभीर दर्द की शिकायत दर्ज करा रहे है। डॉ. शशांक सिंह के मुताबिक, बारिश में भीगने या फिर बुखार होने पर हड्डियों में गंभीर दर्द होता है। हड्डियों में दर्द बुजुर्गों संग ही 50 साल से अधिक उम्र वाले लोगों में देखने को ज्यादा मिल रहा है। ऐसे लोग जो पहले ही गठिया बीमारी से जूझ रहे हैं को थोड़ा और सावधान रहने की जरूरत है। बेहतर है कि ऐसे बारिश के समय घर में भी रहे। किसी भी सूरत में भीगे नहीं। बारिश में भीगने से हड्डियों के दर्द के बढ़ने की पूरी संभावना रहती है।


अस्पतालों से भी संक्रमित होने का खतरा

अगर आप वायरल बुखार से पीड़ित नहीं है और किसी अन्य बीमारी का इलाज कराने और अस्पतालों में जा रहे तो संभलकर जाएं। इन अस्पतालों में वायरल बुखार से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। इन मरीजों के संपर्क में आने पर आप भी सामान्य लोगों के भी वायरल बुखार से संक्रमित होने का खतरा रहता है। ऐसे में अस्पताल जब भी जाएं, तो बुखार से पीड़ित मरीज से थोड़ी दूरी बनाकर रखें।

ये होता है वायरल बुखार

वायरल बुखार से पीड़ित मरीज को तेज सिर दर्द के साथ ही गंभीर बदन दर्द होता है, मरीज की आंखें लाल हो जाती हैं, शरीर का तापमान बढ़ जाता है। मरीज को जबरदस्त ठंड के साथ कंपकंपी महसूस होने लगती है, पीड़ित मरीजों में उल्टी-दस्त की शिकायत होती है, सर्दी, जुकाम होने के साथ ही नाक बहने लगती है, वायरल बुखार से संक्रमित होने पर मरीज को पेशाब में जलन के साथ ही गले में गंभीर खराश होने लगती है, मरीज को भूख नहीं लगती है।

संक्रमित होने पर क्या करें, क्या न करें

वायरल बुखार होने पर घरेलू उपचार के बजाए डॉक्टर से तत्काल सलाह लेकर इलाज कराएं, दवाइयों के साथ ही खानपान में उबली हुई सब्जियां और अधिक से अधिक हरी सब्जी का सेवन करें, उबला हुआ पानी पीने के साथ ही खानपान का विशेष ध्यान रखें, वायरल बुखार से पीड़ित है तो परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखें, वायरल बुखार होने पर अधिक से अधिक घर समय घर में गुजारें।



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