Entry Ban In FRI Dehradun, उत्तराखंड में कोरोना: आईएफएस अफसरों के संक्रमित मिलने के बाद एफआरआई में पर्यटकों का प्रवेश बंद

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सार

देहरादून में इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी में मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए बुलाए गए यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के 11 अधिकारी कोरोना संक्रमित मिले हैं।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में मिड टर्म प्रशिक्षण लेने आए गुजरात, झारखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद वन अनुसंधान संस्थान में पर्यटकों और मॉर्निंग वाकर्स समेत तमाम बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

उत्तराखंड में कोरोना: इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के 11 वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी मिले संक्रमित

संस्थान निदेशक की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सिर्फ संस्थान के अधिकारियों, र्वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को ही परिसर में दाखिल होने की इजाजत होगी।  दूसरी ओर वन अनुसंधान संस्थान परिसर स्थित  इंदिरा गांधी नेशनल राष्ट्रीय वन अकादमी के अधिकारियों के कोरोना  संक्रमित पाए जाने के बाद संस्थान में स्थित सभी अन्य संस्थानों की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं।

वन अनुसंधान संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि एहतियात के तौर पर संस्थान परिसर में भ्रमण करने वाले और पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। कोरोना संक्रमण संस्थान के अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों में ना फैलने पाए, इसके लिए पूरे संस्थान परिसर को सैनिटाइज कराने के साथ ही कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने को लेकर भी आदेश जारी कर दिया गया है।

बता दें कि कोरोना की पहली लहर होने के बाद संस्थान परिसर को लगातार दो साल तक पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए बंद रखा गया था। हालात सामान्य होने के बाद संस्थान निदेशक पर की ओर से मॉर्निंग वाकर्स और पर्यटकों के लिए संस्थान परिसर को खोला गया था। अब जबकि दोबारा कोरोना संक्रमण आईजीएनएफए के अधिकारियों में पाया गया है तो एक बार फिर संस्थान परिसर को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

पर्यटकों व मॉर्निंग वाकर्स के प्रवेश पर रोक कुछ समय के लिए ही लगाई गई है और जैसे ही  कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य होती है तो दोबारा संस्थान परिसर को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
-अरुण सिंह रावत, निदेशक,वन अनुसंधान संस्थान 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में  मिड टर्म प्रशिक्षण लेने पहुंचे वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उनके ऑफलाइन प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। अब अधिकारियों को ऑनलाइन शिक्षण दिया जाएगा।

अधिकारियों के साथ गए संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे यह सुनिश्चित कराएं की सभी ट्रेनी आईएफएस अधिकारी कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कर रहे हैं।

अकादमी के अपर निदेशक एसके अवस्थी ने बताया कि कोरोना की पहली लहर में ही अकादमी के कई अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद ट्रेनी आईएफएस अफसरों को कई माह तक ऑनलाइन परीक्षण दिया गया था।

पिछले बैच के आईएफएस अधिकारियों को विदेश दौरे पर भी नहीं भेजा गया था।  साथ ही ट्रेनी आईएफएस अफसरों का दीक्षांत समारोह भी आयोजित नहीं किया गया था और बिना दीक्षांत समारोह के ही अधिकारियों को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया गया था।

विस्तार

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में मिड टर्म प्रशिक्षण लेने आए गुजरात, झारखंड, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद वन अनुसंधान संस्थान में पर्यटकों और मॉर्निंग वाकर्स समेत तमाम बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

संस्थान निदेशक की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सिर्फ संस्थान के अधिकारियों, र्वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को ही परिसर में दाखिल होने की इजाजत होगी।  दूसरी ओर वन अनुसंधान संस्थान परिसर स्थित  इंदिरा गांधी नेशनल राष्ट्रीय वन अकादमी के अधिकारियों के कोरोना  संक्रमित पाए जाने के बाद संस्थान में स्थित सभी अन्य संस्थानों की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं।

वन अनुसंधान संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि एहतियात के तौर पर संस्थान परिसर में भ्रमण करने वाले और पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। कोरोना संक्रमण संस्थान के अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों में ना फैलने पाए, इसके लिए पूरे संस्थान परिसर को सैनिटाइज कराने के साथ ही कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने को लेकर भी आदेश जारी कर दिया गया है।

बता दें कि कोरोना की पहली लहर होने के बाद संस्थान परिसर को लगातार दो साल तक पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए बंद रखा गया था। हालात सामान्य होने के बाद संस्थान निदेशक पर की ओर से मॉर्निंग वाकर्स और पर्यटकों के लिए संस्थान परिसर को खोला गया था। अब जबकि दोबारा कोरोना संक्रमण आईजीएनएफए के अधिकारियों में पाया गया है तो एक बार फिर संस्थान परिसर को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

पर्यटकों व मॉर्निंग वाकर्स के प्रवेश पर रोक कुछ समय के लिए ही लगाई गई है और जैसे ही  कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य होती है तो दोबारा संस्थान परिसर को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

-अरुण सिंह रावत, निदेशक,वन अनुसंधान संस्थान 

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