Kanwar Yatra 2022: पार्थिव शरीर ले जा रहा सेना का वाहन तीन घंटे जाम में फंसा

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Kanwar Yatra 2022: पार्थिव शरीर ले जा रहा सेना का वाहन तीन घंटे जाम में फंसा


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हरिद्वार अंतिम संस्कार के लिए सेना के जवान का पार्थिव शरीर ले जा रहा सेना का वाहन हाईवे पर जाम में फंस गया। सेना के वाहन को जाम में फंसता देख मौके पर तैनात सिपाहियों ने कांवड़ियों से किसी तरह रास्ता साफ कराया। इसके बाद सिपाही वाहन को बहादराबाद तक छोड़कर आए।

रुड़की के दुर्गा कालोनी निवासी सेना के जवान राजेश गुप्ता सेना में हैं। वर्तमान में उनकी 54 इंजीनियरिंग सप्लाई मोड़ उधमपुर, जम्मू कश्मीर में तैनाती थी। दो दिन पूर्व उधमपुर में उनकी एक सड़क हादसे में मौत हो गई। उधमपुर से उनका पार्थिव शरीर सोमवार को रुड़की आवास पर पहुंचा।

मंगलवार को रुड़की बीईजी के जवान और परिजन वाहन से उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार लेकर जा रहे थे। जैसे ही वाहन कोर कॉलेज के पास पहुंचा तो हाईवे पर कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच जाम में फंस गया। पार्थिव शरीर ले जा रहे सेना के वाहन को फंसता देख मौके पर तैनात सिपाही शाहआलम और दीपक मेहता मौके पर पहुंचे।

दोनों सिपाहियों ने कांवड़ियों की भीड़ को किसी तरह वाहन के आगे से हटाया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सेना का वाहन जाम से निकल गया। इसके बाद सिपाहियों ने सेना के वाहन को बहादराबाद तक छोड़ा।

विस्तार

हरिद्वार अंतिम संस्कार के लिए सेना के जवान का पार्थिव शरीर ले जा रहा सेना का वाहन हाईवे पर जाम में फंस गया। सेना के वाहन को जाम में फंसता देख मौके पर तैनात सिपाहियों ने कांवड़ियों से किसी तरह रास्ता साफ कराया। इसके बाद सिपाही वाहन को बहादराबाद तक छोड़कर आए।

रुड़की के दुर्गा कालोनी निवासी सेना के जवान राजेश गुप्ता सेना में हैं। वर्तमान में उनकी 54 इंजीनियरिंग सप्लाई मोड़ उधमपुर, जम्मू कश्मीर में तैनाती थी। दो दिन पूर्व उधमपुर में उनकी एक सड़क हादसे में मौत हो गई। उधमपुर से उनका पार्थिव शरीर सोमवार को रुड़की आवास पर पहुंचा।

मंगलवार को रुड़की बीईजी के जवान और परिजन वाहन से उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार लेकर जा रहे थे। जैसे ही वाहन कोर कॉलेज के पास पहुंचा तो हाईवे पर कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच जाम में फंस गया। पार्थिव शरीर ले जा रहे सेना के वाहन को फंसता देख मौके पर तैनात सिपाही शाहआलम और दीपक मेहता मौके पर पहुंचे।

दोनों सिपाहियों ने कांवड़ियों की भीड़ को किसी तरह वाहन के आगे से हटाया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सेना का वाहन जाम से निकल गया। इसके बाद सिपाहियों ने सेना के वाहन को बहादराबाद तक छोड़ा।



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