Singing Siliserh Lake in Winter-Rajasthan ka Swarg Alwar City

Singing Siliserh Lake in Winter-Rajasthan ka Swarg Alwar City
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Siliserh Lake- हो सकता है ज्यादातर लोग ने सिलीसेढ़ का नाम भी नहीं सुना होगा, लेकिन अगर यह जगह एक बार देख ली जाएँ तो उसके बाद इसको भूल पाना बेहद मुश्किल है। अलवर से सिलीसेढ़ बहुत करीब है। इतना की शहर पीछे छूटा और आ गया सिलीसेढ़।

दिल्ली से चाँद घंटों की दूरी पे ऐसी कई जगह ह, जहाँ सुबह जाकर शाम को आराम से लौटा जा सकता है।  ऐसे में अगर आप कभी राजस्थान वाले सिलीसेढ़ जाएँ तो यकीं मानियें यहाँ से लौटने का मन नहीं करेगा।

और अगर आप ना चाहते हउवें लौट भी आएं तो आपका मन वहीँ कही पीछे छूट जायेगा।  हलाकि दिल्ली से बिलकुल करीब होने के बावजूद यह जगह ज्यादातर टूरिस्ट की नज़रों से दूर है।

असल में राजस्थान की अलवर शहर से मात्र 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिलीसेढ़ में एक विशाल झील है, जो तीन तरफ से अरावली की पहाड़ियों से घिरी हुवी है। और यही नेचुरल दश्य इस जगह को ख़ास बनता है।

करीब 10-11 वर्ग किलोमीटर में फैली इस झील में साल भर पानी रहता है और पुराने समय से लेकर  आज भी यह अलवर और आसपास की इलाको में पीने का पानी की जरुरत को पूरा करती है।  पुराने समय में पानी की सप्लाय करने वाले वाटर चैनल आज भी कही -कही देखने को मिल जायेंगे। ।  इस झील की एक कोने पैर जाजस्थन टूरिज्म विभाग का लेक पैलेस होटल है।

इस लेक पैलेस में रहने की लिए 12 रूम्स है।  असल में यह पैलेस एक शिकारगाह थी, जिसे अलवर की महाराजा विनय सिंह ने 1845 में अपनी रानी शीला के लिए बनवाया था।  यह जगह और आसपास का सारा इलाका शहरी भागदौड़ और शोर-शराबें से दूर एक अद्भुत शुकुन लिए हुए है , जिसे यहाँ आकर ही फील किया जा सकता है।

सर्दियों की मौसम में काफी टूरिस्ट यहाँ आकर शांत माहौल में रुकना पसंद करते है, पैर ज्यादातर फूटलूस मेरी तरह होतें है, जो यहाँ कुछ घंटे बिताकर अलवर , जयपुर या दिल्ली को निकल जातें है।  हम जैसे चंद घंटों वाले टूरिस्ट की लिए यहाँ पर 50 रुपए एंट्री फीस राखी गयी है, जिसके बदले में एक शीतल ड्रिंक या पानी की बोतल या कॉफ़ी मिल सकती है वो भी अंदर स्थित रेस्टोरेंट मे।  अलबत्ता सैटरडे-संडे को यह फीस 100 रूपए है।

Enjoy Boating In Siliserh Lake

सिलीसेढ़ का एक बड़ा आकर्षण है, यहाँ अवेलेबल कई तरह की बोटिंग की फैसिलिटी।  लेकिन इससे भी बढ़ कर सुकून मिलता है यहाँ आराम से बैठ कर लम्बी चौड़ी झील को निहारने और यहाँ की शांति को फील करने मे।  यहाँ के लम्बे चौड़े आँगन में बैठ कर सामने सिर उठायें पहाड़ो और उनकी गोद में फैली झील को देखते हुए जो अनुभव हासिल होता है, उसे शब्दों में उतार पाना मुश्किल है।  इसका मजा तो बस यहाँ आकर ही लिया जा सकता है।

Amazing Village Walk and Trekking

सिलीसेढ़ के आसपास रहने वालो के जीवन को करीब से जानने की इच्छा मन में है, तो आप यहाँ विलेज वाक भी केर सकते है।  यहाँ से चार -पांच किलोमीटर दूर गरबा जी वाटर फॉल है, जहाँ बारिश के बाद ख़ासा पानी रहता है।  मगरमच्छ भी खूब है, लेकिन वे इस तरफ की हलचल से दूर झील के दूसरे शांत किनारे पर होतें है।  उन्हें करीब से देखने के लिए आप पैदल या गाडी से लेक पैलेस से पहले ही दायी तरफ मुड़ कर पीछे की तरफ जा सकतें है।

Enjoy Tasty Rajasthani Dishes here

लेक पैलेस होटल में अच्छे भोजन की पूरी व्यवस्था होती है, इसके अलावा यहाँ से 500 मीटर पहले बने ढाबो दुकानों पर आप चाय के साथ गर्म – गर्म पकोड़ो या फिर लोकल भोजन का भी भरपूर मजा ले सकते है।  अलवर शहर यहाँ से दूर नहीं है, यानी वहां की फेमस प्याज की पकौडियो का मजा लेने के अलावा दुनियाभर में फेमस यहाँ के कलाकंद, मिल्क केक और गज़क आदि के स्च्वाङ भी चखे जा सकते है।

Best Time To Go

राजस्थान के ज्यादातर टूरिस्ट प्लेसेस की तरह ही सिलीसेढ़ जाने के लिए भी सर्दियों का ही मौसम अनुकूल है।  जाड़ो की गुनगुनी दोपहर में यहाँ वक़्त कब बीत जाता है, पता ही नहीं चलता   हलाकि  अलवर और आसपास के लोग यहाँ गर्मियों की शामो में भी ठंडक बटोरने आतें है।  बारिश में तो यहाँ का मौसम इस कदर सुहाना हो जाता है कि बाहर से टूरिस्ट चाहे ना आएं, लोकल लोग ही बड़ी तादात में यहाँ पहुंचने लगते है।

How To Go Siliserh Lake

रेल से अलवर जाना काफी इजी है।  दिल्ली से बहुत साड़ी गाड़ियां है, जो महज दो- तीन घंटो में यहाँ पंहुचा देती है।  अलवर स्टेशन से टैक्सी या ऑटो रिक्शा से आधा घंटा में सिलीसेढ़ पहुंच जायेंगे।  सड़क मार्ग से अलवर सभी प्रमुख शहर से जुड़ा हुआ है। अपनी गाडी उठायें और अलवर से आगे सरिस्का जाने वाले रास्तें पर करीब 8-9 किलोमटेर चलने पर दायी ओर सिलीसेढ़ कि लिए रास्ता जाता है, जो तीन किलोमटेर क़े बाद लेक पैलेस पर ख़त्म होता है।

Siliserh Lake Where To Stay

वैसे तो सिलीसेढ़ में आप चंद घंटे गुजार कर वापस आ सकतें ह।  मगर साथ में अगर आपको अलवर और सरिस्का देखने का भी मन है, तो अलवर में ढेरों होटल है, जो आपका स्वागत करने को तैयार है।  वैसे सिलीसेढ़ आकर यहाँ 2-3 रातें बिताएं, तो उसका अनुभव कुछ अलग ही होगा।  यहाँ रहने क़े लिए लेक पैलेस है ही।  इस टूरिस्ट बंगलो में रेस्टोरेंट, बार और कांफ्रेंस रूम की सुविधा भी है।  इनकी बुकिंग्स राजस्थान टूरिज्म की वेबसाइट से या सीधे यहाँ पहुंच कर भी कराई जा सकती है।  इन दिनों अलवर से सरिस्का क़े रास्तें पर बहुत से नए रिसोर्ट भी बन गएँ है जो उचित रेंट पर अच्छी सुविधाएँ देते नज़र आ रहे है।

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Hi! I am Bipin Arya founder of Thinkarya.com is a Lucknow based Travel Blogger and Hospitality Professional. This blog is all about my experiences, research and memories based.

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