Uttarakhand: वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी लेंगे सन्यास, अखाड़ा परिषद और विद्वत परिषद से बातचीत की तैयारी में आनंद स्वरूप

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Uttarakhand: वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी लेंगे सन्यास, अखाड़ा परिषद और विद्वत परिषद से बातचीत की तैयारी में आनंद स्वरूप


अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 May 2022 10:03 AM IST

सार

स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने उनके सामने सन्यास लेने इच्छा जाहिर की है। वसीम रिजवी के सन्यास लेने की इच्छा जताने के बाद स्वामी आनंद स्वरूप उनके सन्यास की तैयारियों में जुट गए हैं।

वसीम रिजवी
– फोटो : Social media

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विस्तार

प्रेस क्लब में अपनी विवादित किताब के विमोचन व धर्मनगरी के उत्तरी हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय धर्म संसद में अमर्यादित भाषणों के बाद विवादों में आए शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी हिंदू धर्म अपनाने के बाद अब वह सन्यास लेंगे। उनके सन्यास के मामले में शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप अखाड़ा परिषद व अखिल भारतीय विद्वत परिषद के पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे। 

स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि इस दौरान वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने उनके सामने सन्यास लेने इच्छा जाहिर की है। वसीम रिजवी के सन्यास लेने की इच्छा जताने के बाद स्वामी आनंद स्वरूप उनके सन्यास की तैयारियों में जुट गए हैं। जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के सन्यास की परंपरा को लेकर स्वामी आनंद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगे।  

जब वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी हिंदू बन गए गए हैं और अब सन्यास लेना चाहते हैं। अब वह जेल से बाहर आए हैं तो उन्होंने फिर से अपनी इच्छा जाहिर की है कि वह सन्यास लेना चाहते हैं। इसके लिए अखाड़ा परिषद व अखिल भारतीय विद्वत परिषद से सलाह लेनी पड़ेगी कि जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी हिंदू बनने के बाद सन्यास लेने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। वह क्या परंपरा होगी जिसके तहत सन्यास दिलवाया जाएगा। –स्वामी आनंद स्वरूप, शांभवी पीठाधीश्वर व अध्यक्ष शंकराचार्य परिषद। 

सन्यास परंपरा अच्छी बात है। इसके लिए उनका स्वागत है। वह अच्छे व्यक्ति हैं। उनके जैसे दिलेर व्यक्ति के सन्यास लेने से सनातन धर्म को नए आयाम मिलेंगे। -यति नरसिंहानंद, महंत देवी मंदिर डासना व जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर



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