Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड में 70 सीटों के लिए मतदान कल, प्रचार थमा, पोलिंग पार्टियां रवाना

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Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड में 70 सीटों के लिए मतदान कल, प्रचार थमा, पोलिंग पार्टियां रवाना


सार

प्रचार के अंतिम दिन प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चुनावी सभाओं और रोड शो के जरिये ताकत झोंकी।

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उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा की 70 सीटों के लिए कल मतदान है। चुनाव प्रचार कल ही थम चुक है। अंतिम दिन प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चुनावी सभाओं और रोड शो के जरिये ताकत झोंकी।

उधर, चुनाव आयोग ने समस्त तैयारियों का दावा करते हुए पोलिंग पार्टियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए जमकर कसरत की। शनिवार तक 1477 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। अब रविवार को 10 हजार 222 पार्टियों को रवाना किया जाएगा।

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पहली बार प्रदेश के चुनाव में बर्फबारी वाले क्षेत्रों तक समय से पार्टियां पहुंचाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने चुनाव आयोग से 72 घंटे पहले की अनुमति ली थी। 11 फरवरी को 35 पार्टियां रवाना भी कर दी गई, जिसमें उत्तरकाशी के लिए 17 और पिथौरागढ़ के लिए 18 टीमें भेजी गई। इनमें सर्वाधिक पैदल दूरी पर धारचूला सीट के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनाज की पोलिंग पार्टी जो कि 18 किलोमीटर पैदल चलकर बूथ तक पहुंचेगी को रवाना किया गया। उत्तरकाशी की पुरोला सीट के 13 किलोमीटर पैदल दूरी वाले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कलाप और 14 किलोमीटर पैदल दूरी वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओसला के लिए भी टीम रवाना की गई। 

प्रचार के लिए मिले चार घंटे अतिरिक्त
वैसे तो शनिवार को प्रचार का शोर थम गया, लेकिन चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को दो दिन के लिए थोड़ी राहत दी है। आयोग ने प्रत्याशियों को डोर टु डोर प्रचार के लिए चार घंटे अतिरिक्त समय दिया है। प्रदेश में कोविड संक्रमण के बीच इस बार के विधानसभा चुनाव पर सख्ती हावी रही। प्रचार में तमाम बंदिशों के बीच आखिरी समय में आयोग ने कुछ राहत दी। पहले चुनाव प्रचार का समय सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे का था, जिसे शनिवार को सुबह छह बजे से रात दस बजे कर दिया गया। हालांकि उत्तराखंड में शनिवार को चुनाव प्रचार का शोर थम गया। लिहाजा, यहां प्रत्याशियों को केवल डोर टु डोर प्रचार में ही इस समय का लाभ मिलेगा।

शनिवार को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को छोड़कर बाकी दूरस्थ क्षेत्रों के बूथों के लिए 1442 पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। इनमें टिहरी के लिए 463, पौड़ी के लिए 278, अल्मोड़ा के लिए 238, उत्तरकाशी के लिए 72, चमोली के लिए 34, रुद्रप्रयाग के लिए 18, देहरादून के लिए 121, पिथौरागढ़ के लिए 142, बागेश्वर के लिए 14, चंपावत के लिए 38 और नैनीताल के लिए 24 पोलिंग पार्टियां शामिल हैं। इनमें बदरीनाथ सीट के 20 किलोमीटर पैदल रास्ते वाले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डुमक, चकराता सीट के जिला मुख्यालय से 250 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय डागूटा की टीम भी भेजी गई। दो या तीन दिन पहले रवाना होने वाली पोलिंग पार्टियां निर्धारित जगह पर ठहर सकेंगी।

262 ऐसे मतदान केंद्र, जिन पर पांच किलोमीटर पैदल परेड
प्रदेश में इस बार 262 ऐसे मतदान केंद्र हैं, जिन पर पोलिंग पार्टियों को पांच किलोमीटर या इससे अधिक पैदल दूरी तय करनी पड़ेगी। इनमें 33 मतदान केंद्र ऐसे भी हैं, जिनके लिए 10 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी तय करनी होगी। 

रविवार को रवाना होंगी 10,222 पार्टियां
प्रदेशभर में मतदान से ठीक एक दिन पहले रविवार को 10 हजार 222 पोलिंग पार्टियां रवाना की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि रविवार को देहरादून की 1765, हरिद्वार की 1729, ऊधमसिंह नर की 1488 सहित प्रदेशभर के लिए पार्टियां रवाना की जाएंगी।

70 विस सीटों पर 632 प्रत्याशी
प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, आप, यूकेडी, बसपा, सपा समेत दो दर्जन से अधिक राजनीतिक दलों के 632 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 155 प्रत्याशी निर्दलीय हैं।

विस्तार

उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा की 70 सीटों के लिए कल मतदान है। चुनाव प्रचार कल ही थम चुक है। अंतिम दिन प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चुनावी सभाओं और रोड शो के जरिये ताकत झोंकी।

उधर, चुनाव आयोग ने समस्त तैयारियों का दावा करते हुए पोलिंग पार्टियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए जमकर कसरत की। शनिवार तक 1477 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। अब रविवार को 10 हजार 222 पार्टियों को रवाना किया जाएगा।

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पहली बार प्रदेश के चुनाव में बर्फबारी वाले क्षेत्रों तक समय से पार्टियां पहुंचाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने चुनाव आयोग से 72 घंटे पहले की अनुमति ली थी। 11 फरवरी को 35 पार्टियां रवाना भी कर दी गई, जिसमें उत्तरकाशी के लिए 17 और पिथौरागढ़ के लिए 18 टीमें भेजी गई। इनमें सर्वाधिक पैदल दूरी पर धारचूला सीट के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनाज की पोलिंग पार्टी जो कि 18 किलोमीटर पैदल चलकर बूथ तक पहुंचेगी को रवाना किया गया। उत्तरकाशी की पुरोला सीट के 13 किलोमीटर पैदल दूरी वाले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कलाप और 14 किलोमीटर पैदल दूरी वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओसला के लिए भी टीम रवाना की गई। 

प्रचार के लिए मिले चार घंटे अतिरिक्त

वैसे तो शनिवार को प्रचार का शोर थम गया, लेकिन चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को दो दिन के लिए थोड़ी राहत दी है। आयोग ने प्रत्याशियों को डोर टु डोर प्रचार के लिए चार घंटे अतिरिक्त समय दिया है। प्रदेश में कोविड संक्रमण के बीच इस बार के विधानसभा चुनाव पर सख्ती हावी रही। प्रचार में तमाम बंदिशों के बीच आखिरी समय में आयोग ने कुछ राहत दी। पहले चुनाव प्रचार का समय सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे का था, जिसे शनिवार को सुबह छह बजे से रात दस बजे कर दिया गया। हालांकि उत्तराखंड में शनिवार को चुनाव प्रचार का शोर थम गया। लिहाजा, यहां प्रत्याशियों को केवल डोर टु डोर प्रचार में ही इस समय का लाभ मिलेगा।



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