Uttarakhand Export Policy | फाइलों में दब कर रह गई प्रदेश की निर्यात नीति, 2019 में तैयार किया था प्रस्ताव

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Uttarakhand Export Policy | फाइलों में दब कर रह गई प्रदेश की निर्यात नीति, 2019 में तैयार किया था प्रस्ताव

सार

दो साल पहले सरकार ने वाणिज्य मंत्रालय की ओर से नामित फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहयोग से राज्य में निर्यात को बढ़ाने की रणनीति बनाई थी।

उत्तराखंड सरकार एक तरफ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर निर्यात हब विकसित करने के दावे कर रही है, वहीं दो साल बाद भी उत्तराखंड की निर्यात नीति को मंजूरी नहीं मिल पाई है। 2019 में निर्यात नीति का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था। लेकिन शासन स्तर पर नीति फाइलों में ही दबी रह गई है। देश के निर्यात में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 0.48 प्रतिशत है।

केंद्र सरकार की ओर से निर्यात बढ़ाने के लिए सभी राज्यों को एक्सपोर्ट पॉलिसी बनाने को कहा गया था। दो साल पहले सरकार ने वाणिज्य मंत्रालय की ओर से नामित फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहयोग से राज्य में निर्यात को बढ़ाने की रणनीति बनाई थी। जिस पर प्रदेश के निर्यातकों के सुझाव पर निर्यात नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। उद्योग विभाग की ओर से प्रस्तावित नीति को मंजूरी देने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अभी तक इस नीति को मंजूरी नहीं मिल पाई है। औद्योगिक संगठनों की ओर से कई बार सरकार के समक्ष भी निर्यात नीति लागू करने का मुद्दा उठाया गया।

राज्य से डेयरी, वनस्पति, शहद, खाद्य पदार्थ, खनिज उत्पाद, रसायनिक उत्पाद, प्लास्टिक, रबड़, लकड़ी, कपड़ा समेत अन्य उत्पादों का निर्यात किया जाता है। वर्ष 2011 के बाद प्रदेश में हर साल निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। कोविड महामारी में भी अप्रैल से अगस्त 2020 तक प्रदेश में 8624 करोड़ का निर्यात हुआ है।

प्रति वर्ष निर्यात की स्थिति
वर्ष               निर्यात
2011-12       3530
2012-13       6071
2013-14       6782
2014-15       8509
2015-16       7350
2016-17       6011
2017-18       10837
2018-19       16285
2019-20       16971
2020-21         8624
नोट : राशि करोड़ में, 2020-2021 का आंकड़ा अप्रैल तक का है।

प्रदेश की निर्यात नीति बन कर तैयार है, लेकिन इस नीति को मंजूरी देने में देरी की जा रही है। कई राज्यों से निर्यातकों की समस्याओं का समाधान कर निर्यात नीति को लागू किया है। नीति न होने के कारण निर्यातकों के सामने लॉजिस्टिक व कई तरह की दिक्कतें हैं। सरकार को शीघ्र निर्यात नीति को लागू करना चाहिए।
– पंकज गुप्ता, अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड

विस्तार

उत्तराखंड सरकार एक तरफ स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर निर्यात हब विकसित करने के दावे कर रही है, वहीं दो साल बाद भी उत्तराखंड की निर्यात नीति को मंजूरी नहीं मिल पाई है। 2019 में निर्यात नीति का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था। लेकिन शासन स्तर पर नीति फाइलों में ही दबी रह गई है। देश के निर्यात में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 0.48 प्रतिशत है।

केंद्र सरकार की ओर से निर्यात बढ़ाने के लिए सभी राज्यों को एक्सपोर्ट पॉलिसी बनाने को कहा गया था। दो साल पहले सरकार ने वाणिज्य मंत्रालय की ओर से नामित फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहयोग से राज्य में निर्यात को बढ़ाने की रणनीति बनाई थी। जिस पर प्रदेश के निर्यातकों के सुझाव पर निर्यात नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। उद्योग विभाग की ओर से प्रस्तावित नीति को मंजूरी देने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अभी तक इस नीति को मंजूरी नहीं मिल पाई है। औद्योगिक संगठनों की ओर से कई बार सरकार के समक्ष भी निर्यात नीति लागू करने का मुद्दा उठाया गया।

राज्य से डेयरी, वनस्पति, शहद, खाद्य पदार्थ, खनिज उत्पाद, रसायनिक उत्पाद, प्लास्टिक, रबड़, लकड़ी, कपड़ा समेत अन्य उत्पादों का निर्यात किया जाता है। वर्ष 2011 के बाद प्रदेश में हर साल निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। कोविड महामारी में भी अप्रैल से अगस्त 2020 तक प्रदेश में 8624 करोड़ का निर्यात हुआ है।

प्रति वर्ष निर्यात की स्थिति

वर्ष               निर्यात

2011-12       3530

2012-13       6071

2013-14       6782

2014-15       8509

2015-16       7350

2016-17       6011

2017-18       10837

2018-19       16285

2019-20       16971

2020-21         8624

नोट : राशि करोड़ में, 2020-2021 का आंकड़ा अप्रैल तक का है।

प्रदेश की निर्यात नीति बन कर तैयार है, लेकिन इस नीति को मंजूरी देने में देरी की जा रही है। कई राज्यों से निर्यातकों की समस्याओं का समाधान कर निर्यात नीति को लागू किया है। नीति न होने के कारण निर्यातकों के सामने लॉजिस्टिक व कई तरह की दिक्कतें हैं। सरकार को शीघ्र निर्यात नीति को लागू करना चाहिए।

– पंकज गुप्ता, अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड

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